नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी ने पीएम के तौर पर लगातार तीसरी बार शपथ ली तो उसमें कई राजनीतिक संदेश थे। साथ ही गवर्नेंस के स्तर पर भी कुछ ठोस संकेत मिले। मोदी ने अपने तीसरे टर्म में सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश दिया कि वह अभी बड़ा जोखिम नहीं लेंगे। संभवत: इस बार बदली शैली से काम करेंगे। BJP अकेले बहुमत से दूर रही।
पीएम ने बड़ा जोखिम नहीं लिया और अपने आजमाए नामों पर ही अधिक भरोसा रखा। पहले ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि अपने तीसरे टर्म में नरेंद्र मोदी पूरी तरह नई टीम बना सकते हैं। सरकार के स्तर पर नई टीम दे सकते हैं। मगर, 71 मंत्रियों के शपथ में राजनीतिक मजबूरी दिखी। मसलन, उत्तर प्रदेश में 9 मंत्री बने। उनमें दो राजपूत समुदाय से हैं। इसी तरह राजस्थान में जाट समुदाय को साधने की कोशिश हुई। इन राज्यों में BJP ने औसत प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश में ट्राइबल चेहरों पर भरोसा जताया गया।