जयपुर। मुख्यमंत्री का निजी सचिव (PA) बताकर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव को धमकाने के मामले में एक नया और दिलचस्प मोड़ आया है। दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले के आरोपी रामस्वरूप और उसकी पत्नी सरोज के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने पुलिस से अनुसंधान रिपोर्ट पेश करने को कहा, वहीं याचिकाकर्ताओं को 30-31 मई को जांच अधिकारी के समक्ष पूछताछ के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया। अब 19 जुलाई को सुनवाई होगी।
न्यायाधीश सुदेश बंसल ने रामस्वरूप व सरोज की याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया है। प्रार्थी पक्ष के अधिवक्ता सियाराम शर्मा ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता रामस्वरूप सरकारी कर्मचारी है और उसकी पत्नी मोटर व्हीकल सब इंस्पेक्टर भर्ती में चयनित हो चुकी है।