सरकार की ओर से इस सप्ताह के अंत में होने वाली दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। कांग्रेस के एक नेता ने 2023 के फैसले का हवाला देते हुए सरकार को चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से रोकने के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। अरुण गोयल के हालिया इस्तीफे और पिछले महीने अनूप चंद्र पांडे की सेवानिवृत्ति के बाद दोनों चुनाव आयुक्तों के पद खाली हो गए हैं। भारत का तीन सदस्यीय चुनाव आयोग अब केवल मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के पास रह गया है।
अपनी याचिका में कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने संविधान पीठ के 2023 के आदेश का हवाला दिया है। इसमें कहा गया था कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश के पैनल की सलाह पर की जानी चाहिए।