नई दिल्ली: राहुल गांधी चाहते थे किसी और को, लेकिन दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने जोर लगाया तो किसी और को मिल गया टिकट। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की चाहत पर दो दिग्गज नेताओं की पसंद को तवज्जो राज्यसभा चुनाव में दी गई है। राहुल चाहते थे कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा का एक टिकट वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को दिया जाए, लेकिन दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने अपना पूरा दम अशोक सिंह के पीछे लगा दिया। आखिरकार, मनीक्षी नटराजन का टिकट काटकर अशोक सिंह को ही राज्यसभा की उम्मीदवारी दी गई। ऐसा तब हुआ जब केंद्रीय नेतृत्व ने राहुल गांधी की विश्वासपात्र और पूर्व सांसद मनीक्षा नटराजन का ही समर्थन किया था।नई दिल्ली: राहुल गांधी चाहते थे किसी और को, लेकिन दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने जोर लगाया तो किसी और को मिल गया टिकट। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की चाहत पर दो दिग्गज नेताओं की पसंद को तवज्जो राज्यसभा चुनाव में दी गई है। राहुल चाहते थे कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा का एक टिकट वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को दिया जाए, लेकिन दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने अपना पूरा दम अशोक सिंह के पीछे लगा दिया। आखिरकार, मनीक्षी नटराजन का टिकट काटकर अशोक सिंह को ही राज्यसभा की उम्मीदवारी दी गई। ऐसा तब हुआ जब केंद्रीय नेतृत्व ने राहुल गांधी की विश्वासपात्र और पूर्व सांसद मनीक्षा नटराजन का ही समर्थन किया था।