रायपुर: छत्तीसगढ़ में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और देश में यह ऐसा राज्य है जहां भाजपा सबसे कमजोर नजर आती है। इसके साथ ही राज्य में भाजपा के लिए चेहरा भी एक चुनौती बनता जा रहा है। राज्य में डेढ़ दशक तक भारतीय जनता पार्टी का राज रहा, मगर पिछले चुनाव में पार्टी का पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया। अब सत्ता में वापसी कैसे की जाए, इसके लिए पार्टी हर रणनीति पर काम कर रही है। एक तरफ संगठन में बड़े बदलाव किए गए हैं तो वहीं जमीनी स्तर पर भी जमावट को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही कांग्रेस की अंदरखाने चल रही खींचतान पर भी नजर है।
राज्य में बीजेपी सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ वैसे आंदोलन खड़े करने में नाकाम रही है, जो कभी पार्टी की पहचान रही है। जिले स्तर पर तो आंदोलन विरोध प्रदर्शनों का दौर चलता रहता है, मगर प्रदेश स्तर पर ऐसा कोई आंदोलन खड़ा करने में पार्टी सफल नहीं हो पा रही है जिसके चलते जनमानस में कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया जा सके।