पिछले साल टोंगा के पास समुद्र में हुए ज्वालामुखी विस्फोट की शॉकवेव्स धरती की दूसरी तरफ भी महसूस की गई थीं। 18 हजार किमी दूर अटलांटिक महासागर के अंदर मौजूद सिस्मोमीटर्स ने इन शॉकवेव्स को रिकॉर्ड किया था। यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के रिसचर्स ने समुद्र के अंदर 50 सिस्मोमीटर्स लगाए थे। जब इन सिस्मोमीटर्स को निकाला गया तो ये पूरी जानकारी सामने आई।
5 किमी की गहराई पर थे सिस्मोमीटर्स
ये सभी सिस्मोमीटर्स कैनरी-अजोरेस-मदीरा द्वीपसमूह के आसपास के समुद्र में 5 किमी की गहराई पर लगाए गए थे। शोधकर्ताओं ने हाल ही में इन्हें निकाला था। रिकॉर्ड किए गए डेटा से समुद्र की लाइफ के बारे में पता चल सकता है। शोधकर्ता अब डाटा को स्टडी कर धरती की गहराई के बारे में और भी जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश करेंगे।