बाबा गुरु घासीदास जी ने हमें जीवन जीने की कला सिखाई। यह उनकी सबसे बड़ी देन है जो हमें रास्ता दिखा रही है। उनके मूल्य सभी के लिए पथ प्रदर्शक हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कुम्हारी में सतनाम समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कही। मुख्यमंत्री ने कुम्हारी में समाज के भवन में अतिरिक्त कक्ष और मंच की घोषणा भी की। साथ ही नागरिकों की मांग पर जिम सामग्री भी वितरित की। इस मौके पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल के प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि गुरु घासीदास जी की जयंती हम हर साल उत्साह से मनाते हैं। महापुरुष अलग-अलग समय में जन्म लेते हैं और समाज को रास्ता दिखाते हैं। गुरु घासीदास जी ने कठोर तप किया और सत्य ही ईश्वर है का उद्घोष किया। गुरु जी ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। उनके संदेश की विशेषता थी कि सबको आसानी से समझ आ जाएं। सत्य के मार्ग पर चलने से ही शांति आती है।