उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को सोमवार को राज्यसभा में विदाई दी गई। नायडू का कार्यकाल बुधवार को खत्म हो रहा है। जगदीप धनखड़ 11 अगस्त को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे।
इस मौके पर राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज सदन में स्पीकर, राष्ट्रपति वही लोग हैं जो आजाद भारत में पैदा हुए। सभी साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। इसका सांकेतिक महत्व है। ये देश में नए युग का प्रतीक है। नायडू देश के ऐसे उप-राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने अपनी हर भूमिका में युवाओं के लिए काम किया। सदन में भी युवा सांसदों को आगे बढ़ाया। युवाओं के संवाद के लिए यूनिवर्सिटीज और इंस्टिट्यूशंस लगातार जाते रहे। इनका नई पीढ़ी के साथ निरंतर कनेक्ट बना रहा है।’
बचपन की कहानी पर भावुक हुए वेंकैया
तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने वेंकैया नायडू के बचपन की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि जब नायडू महज एक साल के थे, तब उनकी मां की मौत हो गई थी। यह बात सुनकर नायडू भावुक हो गए। डेरेक ने कहा, “गांव में एक परिवार था, जिसके पास 8 बैल थे। एक दिन इनमें से एक भड़क गया और महिला के पेट में सींग से हमला कर दिया। उसकी गोद में एक साल का बच्चा था। उसे वहीं छोड़कर महिला को अस्पताल ले जाया गया, पर उसकी मौत हो गई। वो बच्चा वेंकैया नायडू थे।”