छत्तीसगढ़ के पॉलिटेक्निक कॉलेजों और आईटीआई में थ्री-डी प्रिंटिंग और रोबोटिक्स जैसे नए ट्रेड की पढ़ाई शुरू की जा सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ के गौठानों में विकसित किए जा रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में कृषि उपजों और लघु वनोपजों के प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू होगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ टाटा टेक्नोलॉजिस के अधिकारियों की बैठक हुई है।
विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री के कार्यालय कक्ष में हुई बैठक में टाटा टेक्नोलॉजिस के अधिकारियों के साथ गोठानों को आईटीआई से जोड़ने, गौठानों में तैयार किए जा रहे उत्पादों के वेल्यू एडिशन और उत्पादों के विक्रय के लिए सी-मार्ट से जोड़ने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में तैयार उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के काम में भी सहयोग विचार-विमर्श किया गया।
टाटा टेक्नोलॉजिस के अधिकारियों ने बताया कि पॉलिटेक्निक और आईटीआई में आधुनिक उद्योगों की जरूरत के अनुसार ट्रेड प्रारंभ करने के साथ ही इन संस्थाओं को शिक्षकों को प्रशिक्षण की व्यवस्था रहेगी। टाटा टेक्नोलॉजिस में विकसित अधोसंरचना का उपयोग बच्चों के प्रशिक्षण के साथ स्थानीय उद्योगों द्वारा भी आवश्यकतानुसार उपयोग किया जा सकेगा। कृषि उपजों के प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र के साथ भी टाटा टेक्नोलॉजिस कार्य करेगी।