6 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव से पहले विपक्षी एकता की गांठ ढीली पड़ती दिख रही है। पश्चिम बंगाल की CM और तृणमूल कांग्रेस की प्रेसिडेंट ममता बनर्जी ने वोटिंग से दूर रहने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद विपक्ष के नेता उन्हें मनाने में जुट गए हैं।
इधर, विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने भी ममता से साथ आने की अपील की है। हालांकि अल्वा के शब्दों में निराशा, अनुरोध के साथ थोड़ी तल्खी भी दिखी। अल्वा ने शुक्रवार को ममता से कहा कि मतदान से दूर रहने का टीएमसी का फैसला निराशाजनक है। यह किसी बात, अहंकार या क्रोध का समय नहीं है। यह साहस, नेतृत्व और एकता का समय है। मुझे विश्वास है कि साहस की प्रतिमूर्ति ममता विपक्ष के साथ खड़ी रहेंगीं।