तेल का उत्पादन करने वाली कंपनियां प्राइवेट रिफाइनरियों को भी बेच सकेंगी तेल

तेल का उत्पादन करने वाली कंपनियां प्राइवेट रिफाइनरियों को भी बेच सकेंगी तेल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर बताया गया ने बताया कि देश की 63 हज़ार प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटीज (PACS) के कम्प्यूटरीकरण की मंज़ूरी दे दी गई है। जिसका उद्देश्य PACS की दक्षता बढ़ाना और उनके संचालन में पारदर्शिता लाना है। इस परियोजना में कुल 2516 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जिसमें भारत सरकार की हिस्सेदारी 1528 करोड़ रुपए की होगी।

तेल कंपनियां प्राइवेट रिफाइनरियों को भी बेच सकेंगी तेल
अनुराग ठाकुर ने बताया कि देश में उत्पादित 99% क्रूड सरकारी रिफाइनरी को आवंटित किया जाता है। आज कैबिनेट ने डिरेगुलेशन ऑफ सेल ऑफ डोमेस्टिक प्रोड्यूस क्रूड ऑयल को मंजूरी दी है। ये निर्णय 1 अक्टूबर 2022 से प्रभावी होगा। इससे अब तेल का उत्पादन करने वाली तेल कंपनियां प्राइवेट रिफाइनरियों को भी अपना तेल बेच सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अभी तक सरकार या सरकार कंपनियों को ही क्रूड आयल बेचने की जो बाध्यता थी वो समाप्त कर दी जाएगी। अब सब तेल उत्‍पादक कंपनियां अपनी फील्ड के क्रूड आयल को घरेलू बाजार में बेचने के लिए आजाद होंगी।

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