कहानी: फॉरेंसिक की कहानी का बैकग्राउंड उत्तराखंड के मसूरी शहर से है। यहां सनसनी उस वक्त फैलती है जब तकरीबन 11 साल की लड़की जेनी की लाश मिलती है। जानकारी मिलते ही मामला सब इंस्पेक्टर मेघा शर्मा यानी राधिका आप्टे को दिया जाता है। इसमें पुलिस एक फॉरेंसिक टीम की भी मदद लेती है, जिसमें प्रदेश का बेस्ट एक्सपर्ट जॉनी यानी विक्रांत मैसी को बुलाया जाता है।
इस केस में यह काफी मदद करता है और पुलिस एक बच्चे को इस केस में गिरफ्तार करती है। यहीं से फिल्म में ट्विस्ट और टर्न आते है। फिल्म का क्लाइमैक्स कमाल का है। फिल्म में बच्चों का असली किलर कौन है इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी
एक्टिंग और डायरेक्शन: मेघा शर्मा के रोल में दिखीं राधिका आप्टे अपने किरदार में अच्छी पकड़ में हैं। विक्रांत मैसी ने कमाल किया है, उन्हें देख लगता है कि वह एक रियल फॉरेंसिक एक्सपर्ट हैं। वहीं रोनित रॉय भी अपने स्क्रीन स्पेस में न्याय करते दिखते हैं। विंदू दारा सिंह ने भी अच्छा काम किया है। डायरेक्टर के तौर पर विशाल फुरिया का भी काम बेहद शानदार है।