6 बार की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम का आखिरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने का सपना पूरा नहीं हो सकेगा। पैर में चोट की वजह से उन्हें शुक्रवार को ट्रायल के बीच से हटना पड़ा। मैरी कॉम 48 किलोग्राम के सेमीफाइनल के पहले दौर में चोटिल हो गईं। उनके हटने के बाद हरियाणा की नीतू को विजेता घोषित किया गया।
इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में चल रहे ट्रायल में हरियाणा की नीतू के साथ सेमीफाइनल मुकाबले के पहले राउंड में वह रिंग पर गिर गई। जिसकी वजह से उनके पैर में चोट लग गई। 39 साल की मैरी कॉम ने उठकर फाइट करने की कोशिश की, पर उनका संतुलन बिगड़ गया। वह रिंग पर ही बायां पैर पकड़कर बैठ गईं। इसके बाद उन्हें रिंग से बाहर जाना पड़ा और रेफरी ने नीतू को विजेता घोषित कर दिया।
मैरी ने पिछली बार जीता था गोल्ड मेडल
मैरी कॉम 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलो वेट में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। मैरी कॉम 39 साल की हो चुकी हैं। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स उनके करियर का आखिरी इवेंट था। वहीं एशियन गेम्स चीन में बढ़ते कोरोना के मामले की वजह से टाला जा चुका है। जबकि 2024 में पेरिस में होने वाले ओलिंपिक गेम्स से पहले वह 40 साल की हो जाएंगी, ऐसे में इंटरनेशनल बॉक्सिंग फेडरेशन के नियमों के तहत ओवरऐज की वजह से वह भाग नहीं ले पाएंगी। इंटरनेशनल बॉक्सिंग फेडरेशन ने ओलिंपिक में भाग लेने की अधिकतम उम्र 40 साल निर्धारित की है।