आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि रूस ने भारत को सस्ता क्रूड ऑयल देने से मना कर दिया है। भारत की दो सरकारी तेल कंपनियों भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की रूसी कंपनी रोसनेफ्ट के साथ तेल खरीद को लेकर कई दिनों से बातचीत चल रही थी जो फेल हो गई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने इसे लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की है। इसके अलावा क्रूड ऑयल के दाम 13 हफ्तों के हाई पर पहुंच गए हैं और रुपया भी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा है।
124 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा क्रूड
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का भाव बढ़ने का सीधा असर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 124 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। ये 13 हफ्तों का उच्चतम स्तर है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियों को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा और बढ़ते घाटे को कम करने के लिए देश की जनता पर बोझ डाला जा सकता है। यह बोझ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में दिखेगा। ऐसे में अगर रूस से भारत को सस्ता कच्चा तेल नहीं मिलता है तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ना लगभग तय है।