पहली बार किया गया कमाल हमेशा यादगार होता है। थॉमस कप के इतिहास में भारतीय बैडमिंटन टीम पहली बार फाइनल पहुंची और अपनी पहली ही कोशिश में 14 बार की चैंपियन इंडोनेशिया को हराकर कमाल कर दिया। इस सफर में मलेशिया और डेनमार्क जैसी टीम को हराकर फाइनल तक का सफर कोई आसान नहीं था।
चैंपियन की तरह खेली भारतीय टीम
फाइनल में हारने वाली इंडोनेशिया टूर्नामेंट में अब तक कोई मैच नहीं हारी थी, लेकिन किदांबी श्रीकांत, एसएस प्रणॉय, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी सभी के धांसू खेल ने भारतीय फैंस को गर्व करने का मौका दिया। टीम के लिए विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेताओं लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत के अलावा सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की दुनिया की आठवें नंबर की जोड़ी ने यादगार जीत दर्ज की।