प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोपीय दौरे के पहले दिन सोमवार को जर्मनी में थे। वे जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से मिले। इसके बाद दोनों नेता डेलिगेशन लेवल मीटिंग में शामिल हुए। इसमें भारत-जर्मनी के बीच ग्रीन एनर्जी पर अहम समझौता हुआ।
जर्मनी दौरे पर भी सबको इस बात का इंतजार था कि यूक्रेन-रूस जंग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या बोलेंगे? देर शाम इस बात से पर्दा उठ गया। पीएम मोदी ने डेलीगेशन लेवल मीटिंग खत्म होने के बाद अपनी स्पीच में यूक्रेन-रूस जंग का जिक्र किया।
पीएम ने कहा- यूक्रेन के संकट के आरंभ से ही हमने तुरंत युद्धविराम का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया था कि विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत ही एकमात्र उपाय है। हमारा मानना है कि इस युद्ध में कोई विजयी पार्टी नहीं होगी, सभी को नुकसान होगा, इसलिए हम शांति के पक्ष में हैं।
यूक्रेन संघर्ष से उथल-पुथल के कारण तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, विश्व में खाद्यान्न और फर्टिलाइजर की भी कमी हो रही है। इससे विश्व के हर परिवार पर बोझ पड़ा है, किंतु विकासशील और गरीब देशों पर इसका असर और गंभीर हो रहा है।