राजस्थान में कांग्रेस के चिंतन शिविर से पहले सियासी चर्चाएं तेज हो गई है। 7 दिन पहले सचिन पायलट ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद से राजस्थान में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार चल रही है।
कांग्रेस पार्टी राजस्थान के उदयपुर में 13 मई से लेकर 15 मई तक चिंतन शिविर का आयोजन कर रही है। इस शिविर में एग्रीकल्चर, पॉलिटिक्स समेत कई प्रस्ताव रखे जाएंगे। हालांकि, पार्टी के अंदरखाने इस बात की चर्चा खूब है कि बैठक में कोई बड़ा फैसला हो सकता है।
मीटिंग के बाद पायलट ने क्या कहा था?
सचिन पायलट सोनिया गांधी से अप्रैल में 3 मुलाकात कर चुके हैं। पायलट ने 21 अप्रैल को मुलाकात के बाद कहा, ‘दो साल पहले AICC की बनाई कमेटी ने कई कदम उठाए हैं, उसी दिशा में आगे काम करना है। राज्य में 2023 में होने वाले चुनाव में सरकार बनाना लक्ष्य है। मेरी भूमिका पर हाईकमान को फैसला करना है।’
पायलट के इस बयान के भी मायने निकाले जा रहे हैं। चिंतन शिविर को भी अगले चुनाव की तैयारियों के अलावा नेतृत्व में बड़े फेरबदल के नजरिए से भी कुछ बड़ा होने की सुगबुगाहट है। राजस्थान के डिप्टी CM और प्रदेश अध्यक्ष रह चुके पायलट फिलहाल किसी बड़ी भूमिका में नहीं हैं। ऐसे में पार्टी चुनाव से पहले उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दे दे। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता।