गेहूं का निर्यात 125 लाख टन और स्टॉक ढाई गुना हो सकता है

गेहूं का निर्यात 125 लाख टन और स्टॉक ढाई गुना हो सकता है

गेहूं उत्पादक राज्यों में हो रही गेहूं खरीद के बीच अच्छी खबर यह है कि देश के सरकारी गोदामों में 189.9 लाख टन स्टॉक है। यह बफर स्टॉक के स्तर (74.6 लाख टन) से ढाई गुना ज्यादा है। यही नहीं, इस बार 1 से 20 अप्रैल के बीच ही 101 लाख टन गेहूं खरीद हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, 2022-23 की पहली तिमाही के लिए 32-35 लाख टन गेहूं निर्यात की बुकिंग हुई है। 2021-22 के पूरे वर्ष में करीब 78.5 लाख टन का निर्यात हुआ था।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में गेहूं निर्यात 100 से 125 लाख टन को पार कर सकता है। इस बार गेहूं खरीदार देशों में नया नाम मिस्र का जुड़ा है। भारत अभी 69 देशों को गेहूं निर्यात कर रहा है।

सवाल:सेंट्रल पूल में गेहूं की स्थिति?…
जवाब:एफसीआई की रिपोर्ट बताती है कि सेंट्रल पूल में 1 अप्रैल 2022 को 189.90 लाख टन गेहूं स्टॉक है। यह तय मानक 74.6 लाख टन से ढाई गुना है। हालांकि चिंता यह है कि 1 अप्रैल 2021 के मुकाबले 83 लाख टन कम है।

सवाल:कम स्टॉक के क्या कारण हैं?…
जवाब:केंद्र की गरीबों को मुफ्त राशन योजना में 187 लाख टन गेहूं गोदामों से निकला है। 2020-21 के 20.80 लाख टन के मुकाबले 2021-22 में 78.5 लाख टन गेहूं एक्सपोर्ट हुआ है।

सवाल:मौजूदा खरीद सीजन कैसा है?…
जवाब:चिंताजनक है। मौसम की मार और खाद की कमी से कम पैदावार हुई। इस बार 444 लाख टन खरीद का लक्ष्य है, लेकिन 26% तक कम रहने के आसार हैं। पंजाब-हरियाणा में भी 15% तक कमी रहने के आसार हैं।पिछले साल हुई 433 लाख टन खरीद के मुकाबले खरीद 300 लाख टन से कम रहने के आसार हैं। 20 अप्रैल तक 110 लाख टन की ही खरीद हुई है।

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