10 अप्रैल को रामनवमी पर गुजरात के तीन जिलों हिम्मतनगर, खंभात और द्वारका में दो समुदाय के बीच दंगे हुए थे। दंगे के बाद तीनों जिलों में 144 धारा लगा दी गई थी। लेकिन, सोमवार की देर रात फिर से हिम्मतनगर के वंजारावास इलाके में दंगा भड़क उठा।
दंगाई दूसरे समुदाय के लोगों के घरों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने शांति समिति की बैठक करके दोनों समुदायों से शांति की अपील की थी। हालांकि इसके बाद भी दंगाइयों ने एक खास समुदाय के घरों में पेट्रोल बम और पत्थर फेंके, नतीजा दर्जनों परिवार अपनी जान बचाने के लिए पलायन करने को मजबूर हैं।
सोमवार देर रात बमों से हुआ हमला
वंजारावास इलाके के लोगों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी थी। लेकिन, सोमवार देर रात उनकी बस्ती पर हमला हुआ। घरों में तोड़फोड़ की गई और सामान भी चोरी कर लिया गया। रात में चांदनगर और हसननगर के लोगों ने उन पर हमला किया था। दंगाइयों ने उनके घरों पर पेट्रोल-बम फेंके, जिससे दो घरों में आग भी लग गई थी। पुलिस टीम के पहुंचने तक हमलावर फरार हो गए थे।