इस साल सितंबर के अंतिम दिनों या अक्टूबर में जेट एयरवेज के विमान एक बार फिर उड़ान भरने के लिए तैयार होंगे। कंपनी के नए सीईओ ने संजीव कपूर ने कहा कि एयर ऑपरेटर्स सर्टिफिकेट के रिन्यूअन के बाद कंपनी जुलाई-सितंबर तिमाही में ही उड़ाने शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी को उम्मीद है कि सर्टिफिकेट मई की शुरुआत में मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मई के अंत में उड़ान परीक्षण शुरू हो सकता है।
अंतिम चरण में तैयारियां
संजीव कपूर ने उड़ान संबंधी तैयारियों को लेकर एक इंटरव्यू में बताया कि यह एक बहुत ही जटिल, लंबी और कठोर प्रक्रिया है और अब हम अंतिम चरण में हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सबकुछ सही हो। हम एयर ऑपरेटर परमिट (एओपी) के तैयार होने के कुछ और महीनों बाद परिचालन फिर से शुरू करने की उम्मीद करते हैं। अक्टूबर या उससे थोड़ा पहले तक परिचाल शुरू करने की हमारी योजना है। लेकिन कैसे भी उड़ाने शुरू करने में अभी हमें कुछ महीने और लगेंगे।
क्यों बंद हुई थी जेट एयरवेज?
1990 के दशक की शुरुआत में टिकटिंग एजेंट से एंटरप्रेन्योर बने नरेश गोयल ने जेट एयरवेज की शुरूआत की थी। उन्होंने जेट एयरवेज की शुरूआत कर लोगों को एयर इंडिया का अल्टरनेटिव दिया था। एक वक्त में जेट के पास कुल 120 प्लेन थे। ‘दि ज्वॉय ऑफ फ्लाइंग’ टैग लाइन के साथ ऑपरेशन करने वाली कंपनी जब पीक पर थी तो हर रोज 650 फ्लाइट्स का ऑपरेशन करती थी।