कॉमिपिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी और जोमैटो के ऑपरेशन और बिजनेस मॉडल की जांच के आदेश दिए हैं। कॉम्पिटिशन एक्ट की धारा 3(1) और 3(4) से जुड़े उल्लंघन के मामले में ये आदेश दिए गए हैं। CCI ने अपने आदेश में डायरेक्टर जनरल (DG) को इस मामले में विस्तृत जांच करने और 60 दिनों के भीतर आयोग को रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
NRAI ने दर्ज की थी शिकायत
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने पिछले साल जुलाई में स्विगी, जोमैटो पर एंटी कॉम्पिटिटिव पैक्टिसेस का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की थी। NRAI ने आरोप लगाया था कि ये ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर्स डीप डिस्काउंटिंग, एक्सक्लूसिव टाई-अप्स और रेस्टोरेंट पार्टनर्स को तरजीह देते हैं जो कि कॉम्पिटिशन नियमों का उल्लंघन है। ये रेस्टोरेंट बिजनेस को प्रभावित करता है और नए प्लेयर्स की मार्केट में एंट्री भी रोकता है। NRAI देश भर में 50,000 से ज्यादा रेस्टोरेंट ऑपरेटर्स का प्रतिनिधित्व करता है।
कई गुना बढ़ी एंटी-कॉम्पिटिटिव प्रैक्टिस
NRAI ने आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान, जोमैटो और स्विगी की एंटी-कॉम्पिटिटिव प्रैक्टिस कई गुना बढ़ गई। कई चर्चाओं के बावजूद रेस्टोरेंट ऑपरेटर्स की चिंताओं को दूर करने की कोशिश नहीं की गई। NRAI ने कहा कि रेस्टोरेंट से 20%-30% कमीशन लिया जाता है, जो काफी ज्यादा है। इन फूड एग्रीगटर्स पर आरोप है कि ये अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड रेस्टोरेंट से ऑर्डर वैल्यू का लगभग 27.8% चार्ज करते हैं क्लाउड किचन के लिए कमीशन की दर 37% तक है। CCI ने पाया कि NRAI के कुछ दावे जांच योग्य है।