राज्य सरकार ने नक्सल हिंसा की वजह से बेघर हुए आदिवासियों के लिए बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ऐलान किया है कि जिन आदिवासियों को अपने घर-गांव छोड़ने पड़े, वो लौटना चाहते हैं तो सरकार उनकी सुरक्षा और रहने का बंदोबस्त करेगी।
दैनिक भास्कर ने खबर प्रकाशित की थी कि आंध्र और तेलंगाना से कई आदिवासी ग्रामीण छत्तीसगढ़ सरकार से मदद मांग रहे हैं। ये वही आदिवासी थे जो सालों पहले नक्सलियों के आतंक से तंग आकर छत्तीसगढ़ छोड़ पड़ोसी राज्यों में चले गए थे। मामला उजागर हुआ तो अब इनकी तरफ छत्तीसगढ़ सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है।
सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने ऐसे ही आदिवासी ग्रामीणों का एक प्रतिनिधी मंडल समाज सेवी शुभ्रांशु चौधरी के साथ मिलने पहुंचा था। मुख्यमंत्री ने इन आदिवासियों की समस्या को सुनकर कहा है कि सलवा जुडूम के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा से विस्थापित कर तेलंगाना और आंध्रप्रदेश गए छत्तीसगढ़ के लोग यदि वापस आना चाहते हैं, तो राज्य सरकार उनका दिल से स्वागत करने को तैयार है। कार्ययोजना बनाकर उनके पुनर्वास के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जाएगा।