जनरल बाजवा ने एक झटके में बंद की बोलती

जनरल बाजवा ने एक झटके में बंद की बोलती

पाकिस्‍तान में विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव के बाद अपनी कुर्सी को बचाने के लिए शह और मात का खेल खेल रहे प्रधानमंत्री इमरान खान की बुधवार को सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और आईएसआई चीफ ने बोलती बंद कर दी। दरअसल, इमरान अपने ही राजदूत का एक चेतावनी पत्र सार्वजनिक करके यह दिखाना चाहते थे कि उनकी सरकार को गिराने के लिए अंतरराष्‍ट्रीय साजिश रची जा रही है। जनरल बाजवा को जब यह पता चला तो वह तुरंत इमरान खान के घर पहुंचे और उन्‍हें आगाह किया कि पाकिस्‍तानी पीएम ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट में फंस जाएंगे और जेल हो सकती है। इसके बाद इमरान ने देश को संबोधित करने का फैसला अचानक से रद कर दिया।

पाकिस्‍तानी मीडिया के मुताबिक जनरल बाजवा ने इमरान खान को बताया कि इस कथित पत्र को सार्वजनिक करने से उस देश से संबंध और ज्‍यादा खराब हो सकते हैं। ऐसे में पाकिस्‍तानी पीएम इसे सार्वजनिक करने से परहेज करें। यही नहीं जनरल बाजवा ने इमरान खान को यह भी चेताया कि वह अब कोई बड़ा कार्यकारी आदेश तब तक न जारी करें जब तक कि उनके खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर फैसला नहीं हो जाता है। बाजवा ने इमरान से कहा कि वह बेवजह के आरोप लगाना बंद करें क्‍योंकि खुद उनके सहयोगी छोड़कर जा रहे हैं और इसकी वजह से उनकी सरकार पर संकट आया है।

इमरान खान पाकिस्‍तानी सेना को दिखा रहे थे अपनी ताकत
दरअसल, सेना और आईएसआई के बल पर सत्‍ता में आए इमरान खान अब जनरल बाजवा का समर्थन नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि उनकी सरकार पर अब संकट आ गया है और वह कभी भी गिर सकती है। इससे निपटने के लिए जोरदार रैलियों के जरिए शक्ति प्रदर्शन करके जनरल बाजवा को यह द‍िखाना चाहते थे कि जनता उनके साथ अभी भी खड़ी है। सेना उन्‍हें साथ नहीं देने के फैसले पर फिर से विचार करे। उधर, इमरान खान का यह दबाव जनरल बाजवा को रास नहीं आया और अब कड़ी चेतावनी के साथ उनकी बोलती बंद कर दी है। 177 सदस्यों के साथ, विपक्ष के पास नेशनल एसेंबली में अब अधिक संख्या है और उन्हें असंतुष्ट पीटीआई एमएनए के समर्थन की जरूरत नहीं है। दूसरी ओर, सरकार के पास संसद के केवल 164 सदस्यों का ही समर्थन बचा है।

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