एक ओर जहां देश के कई राज्यों में ऑफलाइन परीक्षा को लेकर हंगामा हो रहा है। छत्तीसगढ़ में तो सरकार ने कॉलेजों की परीक्षा ऑनलाइन कराने को हरी झंडी दे दी है। वहीं केंद्रीय बोर्ड यानी CBSE की परीक्षा के उत्सव की तैयारी की जा रही है। इसके तहत सभी केंद्रीय स्कूलों में बच्चों को मोटिवेट करने के साथ ही उनकी काउंसिलिंग भी कराई जा रही है। इसको लेकर भारत सरकार की ओर से भी सभी स्कूलों को पत्र भेजा गया है।
दरअसल, कोरोना संक्रमण के चलते बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल के काफी नजदीक हो गए हैं। इसका असर उनके मानसिक विकास पर भी पड़ रहा है। इसे देखते हुए करीब दो साल बाद जब माहौल ठीक है तो केंद्रीय बोर्ड ऑफलाइन परीक्षा कराने जा रहा है। CBSE की 10वीं और 12वीं की परीक्षा 26 अप्रैल से शुरू होनी है। इससे पहले स्टूडेंट्स में परीक्षा का डर दूर करने और उन्हें लिखने के लिए मोटिवेट करने का काम शुरू हो गया है।
छत्तीसगढ़ में करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट्स देंगे परीक्षा
छत्तीसगढ़ में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चे हर साल CBSE की परीक्षा में बैठते हैं। इस बार भी आंकड़ा कुछ ऐसा ही है। अकेले रायगढ़ में ही केंद्रीय बोर्ड के 30 स्कूल हैं। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्रालय व्यक्तित्व उत्सव मना रहा है। इसके तहत स्कूलों में बच्चे को खुद को अभिव्यक्त करने, सवाल पूछने और परेशानी को दूर करने का मौका दिया गया है। इसमें बच्चों के पेरेंट्स की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। जिससे एक बार फिर टीचर-पैरेंट्स-स्टूडेंट्स का समन्वय बन सके।