अगस्त 2021 में रुचि सोया को सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) से अधिकृत मंजूरी मिली थी, दिवालिया एवं दिवाला संहिता प्रक्रिया के तहत पतंजलि आयुर्वेद ने 2019 में इस कंपनी का इसके न्यूट्रीला ब्रांड उत्पादों के नाम के साथ 4,350 करोड़ रुपए में अधिगृहण किया था।
खाद्य तेलों के क्षेत्र में देश की अग्रणी कंपनी के रूप में रुचि सोया की पूरी वैल्यू चेन में मौजूदगी है, यह कंपनी न्यूट्रीला, सनरिच, महाकोश, रुचि नं.1 और रुचि गोल्ड जैसे ब्रांड नामों से अपने उत्पादों की मार्केटिंग करती है।
एफपीओ से मिले पैसों से कर्ज का भुगतान
यह घोषणा की गई है कि एफपीओ के माध्यम से जो भी राशि प्राप्त होगी, उसका इस्तेमाल विभिन्न बकाया कर्ज के पुनर्भुगतान के अलावा कंपनी के अन्य सामान्य कोरपोरेट उद्देश्यों में और वृद्धिशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। यह जानना भी जरूरी होगा कि रुचि सोया देश के सोया फूड के क्षेत्र में सबसे अग्रणी है, कंपनी द्वारा 1980 में लॉन्च किया गया न्यूट्रीला ब्रांड इसे मार्केट लीडर्स में शुमार करता है।
अधिग्रहण से रुचि सोया से लाभ
अधिग्रहण से रुचि सोया को आयुर्वेदिक कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के संपूर्ण भारत में फैले डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का फायदा मिलने के अलावा राष्ट्रीय फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी मिलने में मदद मि