कांग्रेस लीडरशिप पर सवाल उठाने वालों का यू-टर्न

कांग्रेस लीडरशिप पर सवाल उठाने वालों का यू-टर्न

पिछले कई चुनावों में लगातार मिल रही हार से कांग्रेस में बदलाव की आवाज उठाने के लिए G-23 समूह बना था, लेकिन 5 विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद इसने स्ट्रैटजी बदल ली है। कमान अब कपिल सिब्बल के हाथ में नहीं है। G-23 की नई स्ट्रैटजी में गांधी परिवार को किनारे करने की मांग छोड़ दी गई है। वरिष्ठ नेताओं की इस भावना से राहुल गांधी को पूर्व CM भूपिंदर हुडा अवगत करा चुके हैं।

कांग्रेस की हार की वजह क्या है?
सच तो ये है कि कांग्रेस में जिसे G-23 गुट कहा जा रहा है, वह इसी बात की जांच की मांग करता है। ये गुट बना ही इस बात का पता लगाने के लिए था कि पार्टी हार क्यों रही है।

फिर गलती कहां हुई?
कांग्रेस पिछले 49 में से 39 चुनाव हार गई है। गलती तो कहीं न कहीं हुई होगी। इसकी तह तक जाने की मांग में बुराई क्या है। इसीलिए मैं 16 मार्च की G-23 की बैठक में शामिल हुआ।

गांधी परिवार के हटने से हल निकलेगा?
मुझे नहीं लगता कि G-23 में ये धारणा है। हमें सुझाव दिया जाता है कि गांधी परिवार को हटाया जाए, पर वरिष्ठ नेता इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि गांधी परिवार को हटाना समस्या का हल नहीं है। हमारा लक्ष्य भाजपा को हराना है।

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