पिछले 60 दिनों से नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) भवन के सामने धरने पर बैठे किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। गुरुवार को मुख्य सचिव अमिताभ जैन से मिलने मंत्रालय जाने की कोशिश कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने वहीं रोक दिया। बाद में किसानों ने वहीं पर अपना विरोध दर्ज कराया। इस बीच NRDA ने सात मार्च से ग्रामीणों को आवासीय पट्टा देने का कार्यक्रम जारी किया है। यह काम 4 मई तक चलना है। किसानों के आंदोलन और मंत्रालय पहुंचने की सूचना को देखते हुए पुलिस ने भारी सुरक्षा इंतजाम किया था।
अपनी आठ मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर ने बताया, सभी प्रभावित गांवों से लेकर सुबह धरना स्थल पर इकट्ठा हुए थे। कार्यक्रम था कि 27 गांवों के सभी वयस्कों को 1200 वर्ग फीट विकसित भूखंड और गांव के लोग जहां बसे हैं उस पूरी बसाहट का पट्टा मांगने एक अपील फार्म मुख्यमंत्री को भेजेंगे। यही अपील फॉर्म मुख्य सचिव को देने जाने वाले थे। लेकिन हमें निकलने नहीं दिया गया। रूपन चंद्राकर ने कहा, मांगे पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी है।
NRDA ने पट्टा वितरण का कार्यक्रम जारी किया
इस बीच NRDA ने प्रभावित किसानों को उनकी पात्रता के मुताबिक 1200 से 2500 वर्ग फीट के आवासी पट्टा वितरण का कार्यक्रम जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक 7 मार्च को कयाबांधा में, 11 मार्च को नवागांव (खपरी), 16 मार्च को राखी, 22 मार्च को झांझ, 25 मार्च को खपरी और 31 मार्च को कोटराभांठा में पट्टे बांटे जाएंगे। इसी तरह 4 अप्रैल को रीको, 8 अप्रैल को चीचा, 13 अप्रैल को सेंध, 19 अप्रैल को छतौना, 25 अप्रैल को नवागांव (खुटेरा), 29 अप्रैल को तूता और 4 मई को उपरवारा में पट्टा वितरण शुरू होगा।