4 मार्च से न्यूजीलैंड में महिला वर्ल्ड कप की शुरुआत होने जा रही है। कोरोना महामारी का वर्ल्ड कप पर बुरा असर न पड़े, इसके लिए ICC बहुत सख्त है। ICC के सीईओ ज्यौफ अलार्डिस ने सोमवार को कहा कि टूर्नामेंट का सफल आयोजन खिलाड़ियों की समझदारी पर निर्भर करता है।
महिला वर्ल्ड कप के सभी 31 मुकाबले न्यूजीलैंड के 6 अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का पहला मैच न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच होगा।
खिलाड़ियों को लेनी होगी जिम्मेदारी
वर्ल्ड कप के शुरू होने से पहले ऑनलाइन बातचीत के दौरान अलार्डिस ने कहा- मुझे लगता है कि योजना यह होगी कि टूर्नामेंट के दौरान नियंत्रित माहौल बनाया जाए और ज्यादा से ज्यादा टेस्ट हो (कोरोना जांच)। ऐसा नहीं है कि डेली कोरोना टेस्ट किए जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा- यह खिलाड़ियों के जिम्मेदारी लेने पर निर्भर करता है। हम प्लेयर्स और टीम से कह रहे हैं कि वे समझदारी दिखाएं, ऐसी जगहों से दूर रहे जहां से संक्रमण फैलने की संभावना है।
9 खिलाड़ी उतर सकते हैं मैदान पर
ICC के नए नियम के मुताबिक अगर किसी टीम में कोरोना के ज्यादा मामले सामने आते हैं और 11 खिलाड़ी पूरे नहीं हो पाते हैं तो वह टीम 9 खिलाड़ियों के साथ भी मैदान पर उतर सकती है।
हाल ही में वेस्टइंडीज में खेले गए U-19 वर्ल्ड कप के दौरान कई टीमों में कोरोना के मामले सामने आए थे। भारतीय टीम के कई खिलाड़ी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। एक समय तो ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया पूरा वर्ल्ड कप भी नहीं खेल पाएगी, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी और 5वीं बार ट्रॉफी जीतने में सफल रही।
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