यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वहां अलग-अलग शहरों में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए एअर इंडिया की 2 फ्लाइट आज रात रवाना होंगी। इसका खर्च भारत सरकार उठाएगी। ये बुखारेस्ट, रोमानिया के रास्ते भारतीयों को वापस लाएंगी। एम्बेसी ने छात्रों से पासपोर्ट और कोविड-19 वेक्सीनेशन का प्रमाणपत्र साथ लाने को कहा है।
इससे पहले गुरुवार की रात भारतीय छात्र मेट्रो स्टेशन, हॉस्टलों के बंकरों और अपने फ्लैट्स में छिपे रहे। यहां सुरक्षा में तैनात मार्शल उनके मोबाइल से यूक्रेन पर हमले से संबंधित फोटो और वीडियो डिलीट करा रहे थे। बंकर में छिपे छात्र हनुमान चालीसा का पाठ करते भी नजर आए। छात्रों का कहना है कि भारतीय एम्बेसी अगर क्लासेज ऑनलाइन चलवाने की मांग मान लेती तो वह फंसते नहीं।
भागलपुर के शुभम सम्राट भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। शुभम ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। शुभम ने एक वीडियो मैसेज जारी कर कहा कि- ‘पिछले कुछ दिनों से रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई की आशंका थी। हम लोग यहां पढ़ाई कर रहे हैं। क्लासेस ऑफलाइन हैं। युद्ध की आशंका को देख इंडियन एंबेसी को हमने कई मेल किए कि क्लास ऑनलाइन करवा दें। पर बहुत कोशिशों के बाद भी वे लोग ऑनलाइन क्लास के लिए नहीं माने, तो हम लोगों ने यहीं रह कर अपनी पढ़ाई जारी रखी। क्लासेस अगर ऑनलाइन करा दी जाती तो हम घर जाकर भी पढ़ाई जारी रख पातें। पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। क्लासेस ऑफलाइन ही चल रही थी। हम लोग यहां कॉलेज के हॉस्टल में फंसे हुए हैं।