भारतीय अंडर-19 टीम ने वेस्टइंडीज में कोराना को मात देते हुए पांचवीं बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराया था।
अब खबर आ रही है कि टीम की मुश्किलें खिलाड़ियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से काफी पहले शुरू हो गई थीं। भारतीय दल जब टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचा तो तत्काल सात खिलाड़ियों को एयरपोर्ट पर डिटेन कर लिया गया था। इन खिलाड़ियों ने कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाई थी, लिहाजा इन्हें वापस भारत लौटने को कह दिया गया था। इन खिलाड़ियों में लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज रवि कुमार और ओपनर अंगक्रिश रघुवंशी भी शामिल थे।
तब देश में नहीं शुरू हुआ था 18 से कम उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन
यह घटना जनवरी के पहले सप्ताह की है। इन खिलाड़ियों को वैक्सीन इसलिए नहीं लगी थी क्योंकि इनके भारत से रवाना होने से पहले तक देश में 18 साल से कम उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू नहीं हुआ था। पोर्ट ऑफ स्पेन एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी इस तर्क को मानने के लिए तैयार नहीं थे और वे अनवैक्सीनेटेड खिलाड़ियों को वापस भेजने अड़ गए थे।
सरकार के दखल के बाद मामला सुलझा
खिलाड़ियों को करीब 24 घंटे तक एयरपोर्ट पर रोके रखा गया था। टीम मैनेजर लोबजांग जी तेनजिंग ने बताया कि खिलाड़ियों के चारों तरफ सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए थे। मानों ऐसा लग रहा था कि हम वहां से भाग जाएंगे। इसके बाद भारत सरकार से संपर्क किया गया। सरकारी अधिकारियों ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो सरकार के अधिकारियों से इस बारे में बात की। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को वेस्टइंडीज में एंट्री मिली।