विदेशी बाजारों में तेजी के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार (Delhi Oilseeds Market) में शनिवार को मूंगफली और सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला, सीपीओ, पामोलीन तेल की कीमतों में सुधार का रुख रहा। वहीं सरसों (Mustard) की नई फसल की मंडियों में आवक बढ़ने से सरसों तेल तिलहन (mustard oil oilseeds) के भाव गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार सूत्रों ने बताया कि कल रात को शिकागो एक्सचेंज (Chicago Exchange) एक फीसदी मजबूत बंद हुआ था, जबकि खबर लिखे जाने तक इसमें 0.1 फीसदी की बढ़त थी।
और सस्ता होगा सरसों का तेल
सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद मंडियों में सरसों की नई फसल की आवक बढ़ने से सरसों तेल तिलहन के भाव में नरमी रही। उन्होंने कहा कि हल्के तेलों में सोयाबीन और बिनौला तेल से जिस सरसों तेल का भाव 25-30 रुपये किलो अधिक रहा करता था, उसके नई फसल की आवक बढ़ने के बाद 15-20 दिन में इन हल्के तेलों के मुकाबले 5-7 रुपये किलो सस्ता हो जाने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सरकार को खाद्य तेलों के आयात को कम करने के साथ तेल तिलहन के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।