नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की पूर्व प्रबंध निदेशक (MD) चित्रा रामकृष्ण से आज CBI पूछताछ कर सकती है। यह जांच को-लोकेशन के मामले में हो रही है।
2016 तक NSE में थीं चित्रा
चित्रा NSE में अप्रैल 2013 से दिसंबर 2016 तक MD थीँ। वे वित्तवर्ष 2016 में एक्सचेंज से इस्तीफा देने से पहले फाइनेंशियल सर्विसेस इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाली दूसरी अधिकारी थीं। उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने एक अदृ्श्य बाबा को एक्सचेंज की खुफिया जानकारी दी। इससे पहले चित्रा के घर पर गुरुवार को इनकम टैक्स की रेड पड़ी थी। यह रेड ठीक उसके बाद पड़ी, जब बुधवार को NSE के अधिकारी वित्तमंत्रालय से इसी मामले में मुलाकात किए थे।
625 करोड़ रुपए का लगा था जुर्माना
को-लोकेशन के मामले में सेबी ने मई 2019 में NSE पर 625 करोड़ रुपए का फाइन लगाया था। साथ ही इसे 6 महीने तक पैसा जुटाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। चित्रा ने अपने कैरियर की शुरुआत 1985 में IDBI बैंक में प्रोजेक्ट फाइनेंस से शुरू किया था। NSE जब 1992 में शुरू हुआ तब से वे इसके साथ में थीं।
टॉप पावरफुल महिलाओं में थीं चित्रा
वे 2013 में फॉर्च्यून 50 की लिस्ट में टॉप पावरफुल महिलाओं में शामिल थीं। NSE की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 2 दिसंबर 2016 को NSE से इस्तीफा दे दिया था। उसके पहले के 8 महीने में उनको सैलरी के रूप में 18 करोड़ रुपए मिले। सेबी ने चित्रा पर 4 दिन पहले ही 3 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था।