राम जन्मभूमि के उत्तर में सरयू नदी के गुप्तार घाट पर श्रद्धालुओं को उतारने के बाद 21 वर्षीय सोहन सिंह नाव किनारे लगाकर आए हैं। चार महीने पहले बोटिंग शुरू करने वाले सोहन ग्रेजुएट हैं, पुलिस या सेना में जाना चाहते थे, लेकिन भर्तियां अटकी हैं। चाचा के परिवार के लोग बोट चलाते थे, इसलिए यह काम शुरू कर दिया।
सोहन बताते हैं कि दिन में पहली सवारी थी, 150 रुपए मिले। इसमें 50 रुपए का पेट्रोल लग गया। हालांकि घाट पर ही मिले एक और नाविक ने उम्मीद जताई कि राम मंदिर बनने के बाद सवारियों की कमी नहीं रहेगी।
दरअसल, अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद प्रदेश में पहला विधानसभा चुनाव है। अयोध्या और आसपास गांवों में घूमने से पता चला कि भाजपा और सपा के बीच कांटे की लड़ाई है। इसे देखते हुए RSS और विहिप ने प्रचार अभियान की कमान संभाल ली है। गुजरात, मध्य प्रदेश, नागपुर समेत देशभर के संघ नेता पहुंचे हैं।
भाजपा विदेश संपर्क विभाग (अवध क्षेत्र) के संयोजक रवि तिवारी बताते हैं, पार्टी ने तकनीक की ताकत बहुत पहले समझ ली थी। 2015 में मिस्ड कॉल से सदस्यता अभियान चलाया। UP के ही सवा करोड़ लोगों ने सदस्यता ली। हर बूथ तक IT टीम का नेटवर्क है। हम तो चाहते हैं कि प्रचार हो ही नहीं। अयोध्या में प्रचार को धार देने के लिए 23, 24 और 25 फरवरी को गृहमंत्री अमित शाह रोड शो भी कर सकते हैं।