15 अगस्त को जब तालिबान ने काबुल पर कब्जे के साथ ही पूरे अफगानिस्तान पर जबरिया हुकूमत हासिल कर ली तो उसे आने वाली बहुत बड़ी दिक्कतों का अंदाजा भी नहीं रहा होगा। करीब 7 महीने गुजरने के बाद भी तालिबान के हाथ खाली थे। वजह अमेरिका ने उसके 7 अरब डॉलर फ्रीज कर दिए थे।
शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर सिग्नेचर कर दिए। इसके तहत 7 अरब डॉलर (52 हजार 733 करोड़ रुपए) में से 3.5 अरब डॉलर अफगान नागरिकों पर खर्च किए जाएंगे, जबकि बाकी आधा हिस्सा उन अमेरिकी नागरिकों को मिलेगा जिनके अपने 9/11 हमले में मारे गए थे।
तीन विकल्प थे
बाइडेन के सामने तीन विकल्प थे। पहला- फंड्स को बेमियादी तौर पर फ्रीज कर दिया जाए। दूसरा- पूरे फंड्स तालिबान हुकूमत को दे दिए जाएं और तीसरा- इन्हें 9/11 विक्टिम्स की फैमिलीज को मुआवजे के तौर पर दे दिया जाए।
फिलहाल, 7 अरब डॉलर के यह फंड्स न्यूयॉर्क के फेडरल रिजर्व में मौजूद हैं। अमेरिकी अदालत बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन की अपील पर तीन बार सुनवाई और फैसला टाल चुकी है। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। एक सच ये भी है कि कोर्ट इस पर आखिरी फैसला सुनाएगा।