ICMR का दावा- 3rd wave में ‘गले में खराश’ रहा सबसे गंभीर लक्षण

ICMR का दावा- 3rd wave में ‘गले में खराश’ रहा सबसे गंभीर लक्षण

कोरोना वायरस महामारी का कहर थमता नहीं दिख रहा है और सबसे ज्यादा तबाही ओमीक्रोन वायरस (Omicron virus) ने मचा रखी है। अब जब भारत में कोरोना के नए दैनिक मामले कम हो रहे हैं, तो इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने एक डेटा जारी किया है जिसमें बताया गया है कि कोविड 19 की तीसरी लहर (Covid-19 3rd wave) के दौरान सबसे ज्यादा युवा प्रभावित हुए हैं और गले में खराश (Sore Throat) सबसे बड़े लक्षण के रूप में उभरकर सामने आया है।

आईसीएमआर के विश्लेषण से पता चला कि 15 नवंबर, 2021 और 17 जनवरी, 2022 के बीच 37 अस्पतालों में भर्ती 1520 (564 पूरी तरह से टीका लगवा चुके और 956 टीका नहीं लगवाने या एक टीका लगवाने) लोगों की औसत आयु 44 साल थी, जबकि दूसरी लहर में 55 साल थी। अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस के मरीजों में से लगभग आधे यानी 46 प्रतिशत लोग कोमोरबिडिटी (एक ही समय में कई रोगों से पीड़ित) थे और सभी के लक्षण दूसरी लहर की तुलना में कम गंभीर थे।

गले में खराश होन कोरोना वायरस का एक आम लक्षण है, जो शुरू से चलता आ रहा है। हालांकि यह लक्षण कोरोना की तीसरी लहर में सबसे ज्यादा गंभीर लक्षण बनकर उभरा है। आईसीएमआर का डेटा इस बात को स्पष्ट करता है कि यह लक्षण अभी आसानी से पीछा नहीं छोड़ने वाला है। आमतौर पर मौसम बदलने के साथ कई तरह के संक्रमण के कारण गले की खराश होती है। यदि आपको अक्सर बदहजमी रहती है या आप नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं तो आपको गले में खराश की समस्या हो सकती है। इससे निपटने के लिए आप दवाओं की जगह कुछ आयुर्वेदिक घरेलू उपायों के इमदाद ले सकते हैं जोकि काफी असरदार हैं।

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