दो दिन चले कयासों के बाद आखिरकार शुक्रवार को पाकिस्तानी सेना ने एक बयान जारी कर मान लिया कि बलूचिस्तान में विद्रोही गुट ने उसके 10 सैनिकों को मार गिराया है। इसके पहले सरकार के दबाव में मीडिया ने भी सैनिकों के मारे जाने की खबर को लगातार दबाने की कोशिश की थी। पाकिस्तान आर्मी के मीडिया विंग ने कहा- हमारे 10 सैनिकों की शहादत हुई है। हालात का जायजा लिया जा रहा है। यह कुर्बानी बेकार नहीं जाने दी जाएगी।
कैसे हुआ हमला
बताया जाता है पाकिस्तानी सेना की यूनिट पर हमला बुधवार तड़के तब हुआ जब वो बलूचिस्तान में एक सीक्रेट ऑपरेशन कर रही थी। बलूचिस्तान के केच जिले के एक गांव में कुछ लोगों को गिरफ्तारी के लिए सैनिक पहुंचे थे। इसी दौरान उनको विद्रोहियों ने घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी। भागने की कोशिश में 10 सैनिकों की मौत हो गई, क्योंकि वो मैदानी इलाका था। घटना में एक विद्रोही के भी मारे जाने की खबर है।
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि विद्रोहियों ने सैनिकों की एक चेक पोस्ट पर भी कब्जा कर लिया। इसके बाद फौज की एक और टुकड़ी को इलाके में सर्च ऑपरेशन के लिए भेजा गया, हालांकि उसके हाथ कुछ नहीं आया।
घटना छिपाने की कोशिश
बुधवार को हुई घटना को दो दिन छिपाने की कोशिश की गई। इसके बाद लोकल मीडिया में कुछ सैनिकों के शव दिखाए गए। दबाव बढ़ने पर शुक्रवार को सुबह फौज ने माना कि 10 सैनिक मारे गए हैं और इलाके में स्पेशल यूनिट ऑपरेशन के लिए भेजी गई है। फौज ने कहा- हम इस इलाके में हमलावरों को खत्म करके रहेंगे, भले ही इसके लिए कितनी भी बड़ी कीमत चुकानी पड़े। प्रधानमंत्री इमरान खान ने मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।