दुनिया भर के 500 अमीरों के लिए नया साल झटका वाला रहा है। जनवरी के 28 दिनों में इनकी संपत्ति 47.62 लाख करोड़ रुपए घट कर 582 लाख करोड़ डॉलर रह गई है। 3 जनवरी तक यह 630 लाख करोड़ रुपए थी। ऐसा इसलिए क्योंकि शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव है।
3 जनवरी से बाजार में उथल-पुथल
दरअसल, 3 जनवरी से अब तक दुनिया भर के बाजारों में भारी उथल-पुथल रहा है। इसके तीन कारण हैं। एक तो यूक्रेन और रुस के बीच टकराव, दूसरा विदेशी निवेशकों का सावधानी भरा निवेश और तीसरा अमेरिका के सेंट्रल बैंक द्वारा इस साल 4-5 बार ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें हैं। इस वजह से जब बाजार में गिरावट आई तो अमीरों की भी हैसियत घटती गई।
अडाणी नंबर वन भी बन गए
बाजार की गिरावट का असर यह हुआ कि इस हफ्ते दो दिन एशिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी दूसरे नंबर पर आ गए। गौतम अडाणी पहले नंबर पर हो गए। आज यानी 28 जनवरी को दोपहर में 5 मिनट के लिए अडाणी नंबर एक हो गए, जबकि अंबानी दूसरे नंबर पर आ गए। अडाणी की संपत्ति 90.3 अरब डॉलर जबकि अंबानी की 90 अरब डॉलर रही। दोनों के बीच मामूली अंतर रहा।
वॉरेन बफे जुकरबर्ग को पीछे छोड़े
इस हफ्ते दूसरा सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ कि दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे मार्क जुकरबर्ग से अमीर बन गए हैं। 28 जनवरी को 91 साल के वॉरेन बफे ने यह स्थान हासिल किया। वे दुनिया के टॉप 10 में एकमात्र अमीर हैं, जिनकी संपत्ति इस साल में बढ़ी है। उनकी कंपनी बार्कशायर हैथवे का शेयर इस साल में ढाई पर्सेंट बढ़ा है।