विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस रिसर्च को सही माना है कि फुली वैक्सीनेडेट लोगों में ओमिक्रॉन संक्रमण से डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ इम्युनिटी बढ़ती है। WHO चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने ट्वीट किया कि ओमिक्रॉन का संक्रमण डेल्टा के खिलाफ इम्यूनिटी बढ़ा सकता है, बशर्ते आप वैक्सीनेटेड हों।
उन्होंने कहा कि अगर आपने कोरोना वैक्सीन के डोज नहीं लिए हैं तो नया वैरिएंट इम्यूनिटी जनरेट नहीं करेगा। इसका मतलब ये है कि संक्रमण वैक्सीनेशन का विकल्प नहीं है, जैसा कि कुछ लोग सुझाव दे रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीका में पीक के दौरान हुई थी ओमिक्रॉन और इम्यूनिटी पर रिसर्च
- दक्षिण अफ्रीका में हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने ओमिक्रॉन संक्रमण और इम्यूनिटी से जुड़ी रिसर्च की थी। पिछले साल नवंबर और दिसंबर में जब ओमिक्रॉन की लहर पीक पर थी, तब इस वैरिएंट से संक्रमित 23 मरीजों के सैंपल्स लिए गए थे।
- 23 में से 14 मरीजों को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी थी और महज एक को ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा था। इन 23 मरीजों में से 10 पहले से ही वैक्सीनेट थे, पर उन्हें ओमिक्रॉन का इन्फेक्शन हुआ। 10 मरीज पिछली लहर में डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित हो चुके थे फिर भी ओमिक्रॉन का शिकार हुए।
- लीड वैज्ञानिक एलेक्स सिगल ने रिसर्च के बाद कहा कि डेल्टा की चपेट में आए लोगों को ओमिक्रॉन का संक्रमण हो सकता है, लेकिन ओमिक्रॉन होने के बाद मरीजों को डेल्टा का इन्फेक्शन नहीं हो सकता। हालांकि यह तभी मुमकिन है, जब मरीज फुली वैक्सीनेटेड हो।