पिछले 24 घंटों में पूरी दुनिया में 26.96 लाख नए कोरोना केस मिले हैं। ये मामले ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण आई लहर के कारण बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ओमिक्रॉन पहले ही कोविड से रिकवर हो चुके मरीजों को भी अपनी चपेट में लेता है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इसका जवाब हां है।
WHO का कहना है कि कोरोना रिकवरी के बाद भी ओमिक्रॉन से दोबारा इन्फेक्शन होने का खतरा होता है। ये वैरिएंट हमारे इम्यून सिस्टम को बहुत आसानी से चकमा दे सकता है। यानी अगर आपको पिछले दो सालों में कोरोना हुआ है, तो भी आपके ओमिक्रॉन से संक्रमित होने की पूरी संभावना है।
रिकवरी के बाद डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन होने का खतरा 4-5 गुना ज्यादा
WHO के अनुसार, जिन लोगों को पहले कोरोना हो चुका है, उन्हें डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन होने का खतरा 4-5 गुना ज्यादा है। इसका कारण- मरीजों का इम्यून सिस्टम ओमिक्रॉन की तुलना में डेल्टा वैरिएंट को जल्दी पहचान लेता है। ओमिक्रॉन में कुछ ऐसे म्यूटेशन्स मौजूद हैं, जिनके चलते इम्यून सिस्टम इसे आसानी से नहीं पकड़ पाता।