चरौदा और रिसाली नगर निगम में कांग्रेस की नगर सरकार बनने के बाद अब भिलाई नगर निगम की बारी है। इसकी शुरुआत सुबह 70 नवनिर्वाचित पार्षदों ने अपने पद और गोपनीयता की शपथ के साथ की। इसके बाद सभी मतदान करके निगम के पांचवें मेयर और सभापति का चुनाव करेंगे। महापौर और सभापति के नाम को लेकर सबसे बड़ी खींचतान इसी निगम में है। यहां कांग्रेस कई धड़ों में बंटी हुई दिख रही है।
एक धड़ा विधायक देवेंद्र यादव की पसंद से एकांश को महापौर बनाना चाहता है तो वहीं दूसरी ओर सुभद्रा सिंह भी अपनी दावेदारी कर रही है। इसके साथ ही संदीप निरंकारी, नीरज पॉल, लक्ष्मीपति राजू और सीजू एंथोनी का नाम भी दावेदारी में आ रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो भिलाई का अगला मेयर एकांश या संदीप में कोई एक बनेगा।
तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10 बजे सभी निर्वाचित 70 पार्षद सबसे पहले अपने पद और गोपनियता की शपथ लेंगे। इसमें कांग्रेस के 37, भाजपा के 24 और निर्दलीय 9 पार्षद शामिल होंगे। इसके बाद उनके द्वारा मतदान प्रक्रिया से निगम का महापौर और सभापति चुना जाएगा। कांग्रेस यहां से एकांक्ष बंछोर, संदीप निरंकारी को महापौर का प्रत्याशी बना सकती है।
वहीं सभापति के लिए कांग्रेस से नीरज पॉल और सुभद्रा सिंह का नाम चल रहा है। भाजपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। उनका कहना है कि वह मेयर और सभापति दोनों पदों के लिए अपने प्रत्याशी खड़े करेगी। कोरोना को देखते हुए शपथ ग्रहण एक साथ न करवाकर 4-4 के ग्रुप में कराई जाएगी।
सामान्य महापौर की भी चल रही मांग
भिलाई नगर निगम में महापौर और सभापति की सीट आरक्षित है। इसे देखते हुए यह भी मांग की जा रही है कि जब सीट सामान्य है तो मेयर और सभापति भी सामान्य होना चाहिए। इस दौड़ में सुभद्रा सिंह और केशव चौबे का नाम सबसे आगे आ रहा है। केशव और सुभद्रा दोनों ही नाम को बड़े नेता मेयर के लिए नहीं लाना चाहते हैं। इसलिए सामान्य सीट के लिए सामान्य मेयर वाली बात को हवा नहीं दी जा रही है।