क्या आइडिया को सरल वाक्य में समझाया जा सकता है

क्या आइडिया को सरल वाक्य में समझाया जा सकता है

40 साल पहले आईटी कंपनी इन्फोसिस की स्थापना करने वाले एनआर नारायण मूर्ति अब आंत्रप्रेन्योर तैयार करने में जुटे हैं। अपनी सादगी, दूरदृष्टि और नैतिक मूल्यों के लिए जाने जाने वाले नारायण मूर्ति से दैनिक भास्कर ने देश के मौजूदा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े मसलों पर बातचीत की। उनसे यह भी जाना कि किसी आइडिया में निवेश करने से पहले वे उसे किन मानकों पर परखते हैं। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश…

निवेश के लिए 6 पैमाने
हम पहले आइडिया के 6 टेस्ट करते हैं।
1. 
क्या आइडिया को साधारण वाक्य में बता सकते हैं? यदि हां तो उसे ग्राहक, टीम और निवेशक आसानी से समझ पाएंगे।
2. आइडिया बाजार में पहले से मौजूद बिजनेस से कितना अलग और बेहतर है?
3. क्या मार्केट टेस्टिंग एक्सरसाइज हो चुकी है? यदि हां, तो कितनी सफल रही?
4. क्या आंत्रप्रेन्योर की ओर से आइडिया की वैल्यू का आकलन किया जा चुका है?
5. क्या उस आइडिया पर काम करने के लिए एक मेहनती और सक्षम टीम मौजूद है?
6. क्या लीडर-टीम में ईमानदारी, इनोवेशन, अनुशासन और लंबे सफर के लिए धैर्य है?

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