स्वास्थ्य मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि 33 दिनों बाद देश में फिर से 10,000 से ज़्यादा मामले रिपोर्ट होने शुरू हुए हैं। पिछले 24 घंटे में देश में 13 हजार से ज्यादा कोरोना केस दर्ज किए गए हैं। ऐसे में देश को अलर्ट रहने की जरूरत है।
अग्रवाल ने कहा कि देश में करीब 90% वयस्क आबादी को कोरोना की पहली डोज लग गई है। जिन बुजुर्गों को प्रिकॉशन डोज लगनी है, उन्हें सरकार SMS भेजकर याद दिलाएगी कि 10 जनवरी से डोज लगनी शुरू होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना के इंफेक्शन के बाद इम्युनिटी करीब 9 महीने तक रहती है।
इंफेक्शन की गंभीरता कम करेगी प्रिकॉशनरी डोज
वैक्सीन की इफेक्टिवनेस के बारे में बताते हुए ICMR के डायरेक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि सभी कोरोना वैक्सीन, चाहे वे भारत में बनी हों या इजराइल, अमेरिका, यूरोप या चीन से आई हों, वे वायरस में बदलाव करने का काम करती हैं। वे इंफेक्शन नहीं रोकतीं। प्रिकॉशनरी डोज का काम होगा इंफेक्शन की गंभीरता को कम करना, हॉस्पिटलाइजेशन और मौत का खतरा कम करना।
देश में बिगड़ रहे हालात
पिछले हफ्ते से देश में रोजाना 8 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं। 26 दिसंबर के बाद से देश में रोजाना 10 हजार से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र और केरल में 10,000 से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। लव अग्रवाल ने बताया कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात में केस और पॉजिटिविटी रेट ज्यादा होने की वजह से यह चिंता बढ़ाने वाले राज्य और प्रदेश बनते जा रहे हैं।