चीन में बना शहद ब्रिटेन के सुपर मार्केट में छा गया है। लेकिन शहद की गुणवत्ता को जांचने वाली एजेंसी (एचएपी) की हालिया रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सभी सुपर मार्केट में बिकने वाला चीन का शहद दरअसल प्राकृतिक नहीं है। इसे मक्के में मौजूद मीठे फ्रक्टोस से बनाया जाता है। स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता के चलते ब्रिटिश लोगों में इन दिनों शक्कर की जगह शहद खाने का चलन बढ़ा है।
लेकिन ज्यादातर लोग चीन के शहद को खा रहे हैं। इसमें चीनी की मात्रा अधिक होने के कारण ब्रिटिश लोग मोटापे का शिकार हो रहे हैं। साथ ही उनमें मोटापे से जुड़ी कई बीमारियां भी घर कर रही हैं। एचएपी की सारा लेविस ने बताया कि ब्रिटेन में हर साल लगभग 50 हजार टन शहद की खपत होती है। इसमें से 86 फीसदी शहद चीन से आयातित होता है। उनका कहना है कि चीन के 13 ब्रांड के शहद के 240 टेस्ट किए गए।
ये सभी फेल हो गए। इसे हनी लॉन्ड्रिंग कहा जा रहा है। क्योंकि ब्रिटेन में चीन से आने वाले शहद पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। चीन का मक्के से बना शहद असली जैसा ही लगता है। जांच करने वाली मशीनें मिठास के आधार पर इसे पकड़ नहीं पाती हैं।