लंदन
दुनिया का आर्थिक उत्पादन अगले साल पहली बार 100 लाख करोड़ डॉलर को पार कर जाएगा। साथ ही चीन को नंबर 1 अर्थव्यवस्था के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका से आगे निकलने में पहले की तुलना में थोड़ा अधिक समय लगेगा। यह बात रविवार को जारी एक रिपोर्ट में कही गई। ब्रिटिश कंसल्टेंसी Cebr ने अनुमान जताया है कि चीन 2030 में डॉलर के मामले में दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था बन जाएगा, जो पिछले साल की वर्ल्ड इकोनॉमिक लीग टेबल रिपोर्ट के पूर्वानुमान से दो साल की देरी है।
Cebr ने कहा कि भारत अगले साल फ्रांस और फिर 2023 में ब्रिटेन से आगे निकलकर दुनिया की छठीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपना स्थान फिर हासिल करने के लिए तैयार है। Cebr के डिप्टी चेयरमैन डगलस मैकविलियम्स ने कहा कि 2020 के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि विश्व अर्थव्यवस्थाएं मुद्रास्फीति से कैसे निपटती हैं, जो अब अमेरिका में 6.8% तक पहुंच गई है। हमें उम्मीद है कि अपेक्षाकृत मामूली समायोजन गैर-क्षणिक तत्वों को नियंत्रण में लाएगा। यदि नहीं, तो दुनिया को 2023 या 2024 में मंदी के लिए खुद को तैयार करने की आवश्यकता होगी।