पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में 18 दिसंबर को और अगले ही दिन कपूरथला में निजामपुरा के गुरुद्वारे में कथित बेअदबी की घटना सामने आई थी। दोनों मामलों में आरोपियों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। अब पंजाब के कुछ सिखों ने बेअदबी के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। चूंकि अगले साल की शुरुआत में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। लिहाजा यह मुद्दा ज्यादा तूल पकड़ रहा है। धर्म के अपमान पर सिखों के मन में क्या चल रहा है, इसे जानने के लिए दैनिक भास्कर रिपोर्टर पूनम कौशल पंजाब के फरीदकोट पहुंचीं और वहां के हालात को बेहद करीब से देखा है।
नेशनल हाईवे-54 पर फरीदकोट और बठिंडा के बीच बहबल कलां गांव के मुहाने पर एक पंडाल लगा है। यहां अक्टूबर 2015 में पुलिस फायरिंग में मारे गए 2 सिख प्रदर्शनकारियों के परिजन धरने पर बैठे हैं। यहां खड़ी एक पुरानी मारुति 800 कार पर दिवंगत सिख अलगाववादी नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले के पोस्टर लगे हैं। पंजाब के कई जिलों से आए लोग इस प्रदर्शन में शामिल हैं। इनमें ज्यादातर सिख युवा हैं, जो हाल की बेअदबी की घटनाओं से आहत हैं।
यूं तो ये एक छोटा प्रदर्शन हैं, लेकिन यहां मौजूद लोगों से बात करने के बाद अहसास होता है कि ये प्रदर्शन ऐसे तूफान का संकेत है जो पूरे पंजाब को अपने आगोश में ले सकता है।