छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाके बेचापाल में पिछले 26 दिनों से सैकड़ों ग्रामीण पुलिस कैंप के विरोध में बैठे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पुलिस कैंप खुलता है तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएगी। ग्रामीणों ने जवानों पर करंट लगा कर मारने का आरोप भी लगाया है। पुलिस कैंप के साथ बेचापाल समेत कई गांवों को ब्लॉक और जिला मुख्यालय से जोड़ने पक्की सड़क बन रही है, जिसका विरोध भी ग्रामीण कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कैंप हटाने की मांग पूरी नहीं होती है वे आंदोलन में बैठे रहेंगे।
दरअसल, 30 नंवबर से ग्रामीण कैंप का विरोध कर रहे हैं। बेचापाल, मिरतुर, फुलगट्टा, तिमेनार समेत अन्य गांव के सैकड़ों ग्रामीण आंदोलन पर उतर आए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि, हमें अपने गांव में स्कूल, अस्पताल चाहिए लेकिन पुलिस कैंप और पक्की सड़क नहीं। यदि सड़क बनती है तो फोर्स गांवों में घुसेगी। यहां के लोगों को परेशान किया जाएगा। झूठे नक्सल प्रकरण में जेल में दाखिल किया जाएगा। गांव अभी शांत है, कैंप खुलने से गांव का वातावरण खराब हो जाएगा।