हल्दी
औषधीय गुणों के कारण कई बीमारियों को दूर करने के लिए जानी जाती है। अब तक केवल भारत में हल्दी को दवा का दर्जा दिया गया है, लेकिन अब पश्चिमी देश भी हल्दी के फायदे देखकर चौंक गए हैं। दुनिया के सबसे अच्छे हॉस्पीटल क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, भोजन में स्वाद और रंग जोड़ने के अलावा हल्दी कई तरह से स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
क्लीवलैंड क्लीनिक के रजिस्टर्ड डायटीशियन निकोल होपसेगर (Registered dietitian Nicole Hopsecger, RD) का कहना है कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेट्री गुण होते हैं। यह एक ऐसा मसाला है, जो कुरकुमा लोंगा पौधे की जड़ से आता है। इसका प्रमुख एक्टिव कंपोनेंट करक्यूमिन है। पश्चिम ने अभी इस मसाले की खोज शुरू की है, जिसकी खेती भारत में व्यापक रूप से होती है। यहां हल्दी वाला दूध सर्दी-खांसी, जुकाम और अन्य बीमारियों के लिए एक बेहतरीन घरेलू उपचार है।
सूजन आपके शरीर में ऊतकों को प्रभावित करना शुरू कर देती है, ऐसे में हल्दी लेना बहुत फायदेमंद है। क्लीवलैंड क्लीनिक के डायटीशियन निकोल के अनुसार, अल्सरेटिव कोलाइटिस के रोगियों के एक अध्ययन ने दर्दनाक स्वास्थ्य स्थिति को कम करने में हल्दी की क्षमता को दर्शाया है। वह बताती है कि जिन लोगों ने डॉक्टर की दवा के साथ एक दिन में 2 ग्राम करक्यूमिन लिया, उनमें अकेले दवा लेने वालों की तुलना में सूजन में बहुत कमी देखी गई।