भारतीय टीम टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी और सुपर-12 राउंड से ही बाहर हो गई। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद टूर्नामेंट के लिए चुनी गई भारतीय टीम पर भी कई सवाल उठने लगे। आरोप लगे कि कई अहम और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया गया।
अब इस मसले पर टूर्नामेंट के दौरान भारत के कोच रहे रवि शास्त्री ने चुप्पी तोड़ी है। शास्त्री ने कहा कि वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम के सिलेक्शन में उन्होंने कोई दखल नहीं दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि कप्तान विराट कोहली भी पूरी तरह सिलेक्शन प्रोसेस से दूर रहे थे।
शास्त्री ने कहा कि वे और कप्तान विराट कोहली मैचों के लिए प्लेइंग-11 के चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाते थे। इससे पहले जो 15 मेंबर्स का स्क्वॉड चुना गया, उसमें सिर्फ सिलेक्टर्स का रोल था।
चहल और हार्दिक को लेकर उठे थे सबसे ज्यादा सवाल
वर्ल्ड कप की टीम में लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल के न चुने जाने और पूरी तरह से फिट न होने के बावजूद हार्दिक पंड्या के चयन को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठे थे। भारत ने राहुल चाहर के रूप में एक लेग स्पिनर चुना था, लेकिन उन्हें पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण मैचों में मौका नहीं मिला। टीम इंडिया को इन दोनों मैचों में हार मिली और इसी की वजह से टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी।
ICC टूर्नामेंट न जीत पाने से निराशा है, पछतावा नहीं
शास्त्री ने स्वीकार किया कि अपने कार्यकाल में टीम इंडिया को एक भी ICC टूर्नामेंट न दिला पाने से वे निराश हैं। हालांकि, उन्हें इसके लिए कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि क्रिकेट में इस तरह की बातें होती रहती हैं।