पिछले 4 दिनों से बीजिंग में चल रही चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की हाई लेवल मीटिंग गुरुवार को खत्म हो गई। इस बैठक में पार्टी के इतिहास पर एक नया रिजॉल्यूशन पास किया। इसमें 68 साल के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को माओत्से तुंग और डेंग शिया ओपिंग के बाद चीन का सबसे बड़ा नेता घोषित किया गया।
इस फैसले के बाद पार्टी की ऐतिहासिक उपलब्धियों में जिनपिंग का नाम अमर हो गया है। अब जिनपिंग के खिलाफ बयानबाजी को चीन में अपराध माना जाएगा। उनके खिलाफ उठी हर आवाज दबा दी जाएगी।
चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) का चार-दिवसीय कॉनक्लेव 8 नवंबर से शुरू हुआ था। मीटिंग में ‘ऐतिहासिक संकल्प-पत्र’ जारी किया गया। जिसमें CCP के 100 सालों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई। CPC ने एक ऐसा सिलेबस लाया है किया, जिसके तहत वहां के स्कूल-कॉलेजों में शी जिनपिंग थॉट पढ़ाया जाएगा। ताकि बच्चे और युवा शी जिनपिंग को ही आदर्श मानकर काम करें।
100 साल में तीसरा रिजॉल्यूशन
1921 में कम्युनिस्ट पार्टी के बनने के बाद से यह तीसरी बार है जब इस तरह का रिजॉल्यूशन पास किया गया है। इस बैठक में कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी के 370 सीनियर सदस्यों ने भाग लिया था। पहला रिजॉल्यूशन माओ जेडॉन्ग के नेतृत्व में 1945 में और दूसरा डेंग शिया ओपिंग के नेतृत्व में 1981 में बनाया गया था।