अमेरिका जनवरी में देश में पांच से दस इन्फ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में निवेश करने की तैयारी कर रहा है। ये विशाल परियोजनाएं होंगी, जो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तैयार होंगी। इनका मकसद चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) की काट लाना है। अमेरिका ने चीन को जवाब देने के लिए सबसे ताकतवर जी7 देशों के साथ मिलकर योजना बनाई है।
अमेरिकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन के राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार दलीप सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कई देशों की यात्राओं के बाद दस परियोजनाओं को चिह्नित किया है, जो सेनेगल और घाना में होंगी। अधिकारी जी-7 ग्रुप द्वारा ‘बिल्ड फॉर बेटर वर्ल्ड (बी3डब्ल्यू)’ इनिशिएटिव के तहत प्रोजेक्ट की तलाश में जुटे हुए हैं।
जी7 ने बी3डब्ल्यू की पहल जून में की थी। योजना के तहत 2035 तक विकासशील देशों में ऐसी परियोजनाएं चुनी जानी हैं जिन पर 40 ट्रिलियन डॉलर (करीब 2960 लाख करोड़ रु.) उपलब्ध कराए जाएं।
चीन ने अपनी परियोजना पर अब तक लगाए 3.5 लाख करोड़ रुपए
चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव को राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2013 में शुरू किया था। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के मुताबिक इसके जरिए चीन इसके जरिए एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जमीन और समुद्र के रास्ते जोड़ना चाहता है। इसके तहत अलग-अलग देशों में उसने रेलवे ट्रैक से लेकर बंदरगाह जैसी कई इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाएं शुरू की हैं।
60 से अधिक देशों ने बीआरआई परियोजनाओं में रुचि दिखाते हुए दस्तखत किए हैं। अभी तक वह चीन 3.5 लाख करोड़ का निवेश कर चुका है। मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक 2027 तक चीन 96 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगा।
मिशन: दिसंबर तक एशिया दाैरे पर आएगा अमेरिकी दल
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी दल इक्वाडोर, पनामा और कोलंबिया जा चुका है। पिछले हफ्ते दल घाना और सेनेगल गया था। अमेरिकी अधिकारी ने बिना किसी देश का नाम लिए बताया कि साल खत्म होने से पहले प्रतिनिधिमंडल कई एशियाई देशों का भी दौरा करेगा।